मास्क : क्लॉथ या सर्जिकल
मास्क : क्लॉथ या सर्जिकल
गीता में स्पष्ठ लिखा है " निराश मत होना कमजोर तेरा वक्त है तू नहीं''। जीवन रुपी पहिया अपनी गति से निरंतर घूम रहा है जिंदगी के खट्टे मीठे अनुभवो का रसपान कराता हुआ इस करोना महामारी के समय में व्यक्ति के आत्मबल एवम अनुशासन की परीक्षा ले रहा है। परन्तु लापरवाही के कारण अपना संतुलन खो देने वाला व्यक्ति इस परीक्षा में फेल हो सकता है।
मास्क लगाना ,हाथो को बार बार धोना और दो गज की दूरी बनाये रखना यह तीन बातो का ध्यान रखने वाला व्यक्ति ही इस वाइरस से अपना बचाव कर सकता है। कोरोना वायरस को लेकर डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि लोगों को इसके साथ जीने की आदत डालनी होगी। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में लोगों चेहरे पर मास्क और एक दूसरे से दूरी बनाकर ही जीना पड़ेगा। ऐसे हालात में संक्रमण से बचाने के लिए सबसे अहम चीज है मास्क।
परन्तु कुछ व्यक्तियो की लापरवाही इस देश के लिए लिए घातक सिद्ध हो रही है अब करोना अपनी चरम सीमा पर पहुँच रहा है इसको नियंत्रित करने के उदेश्य से स्वास्थय मंत्रालय ,उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी ,नोयडा अथॉरिटी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ,पुलिस विभाग की ओर से प्रतिदिन सुरक्षा नियम पालन करने के लिए सन्देश दिए जा रहे है। प्रकति से मनुष्य बहुत कुछ सीख सकता है कोहरा हमे सिखाता है जीवन में जब अंधकार छा जाए कुछ दिखाई ना दे तो व्यर्थ कोशिश करने के बजाय एक एक कदम सावधानी से चलना चाहिए ।
मै फिर अपनी टीम के साथ इस चौथे सप्ताह “मास्क लगाओ जागरुकता अभियान" में नॉएडा के सेक्टर 75 के मार्किट में जा पहुंची जहाँ पर कुछ लोग सर्जिकल मास्क लगाए हुये थे, वही कुछ बिना मास्क के करोना को दावत देते सैर सपाटा कर रहे थे,एक व्यक्ति बिना मास्क के पान और सिगरेट बेच रहा था उसकी लापरवाही देख कर प्रतीत हुआ करोना वाइरस इस दुनिया में आया ही ना हो, उसी के समीप खड़ा एक व्यक्ति सिगरेट के धुँए उडाता हुआ ऐसा लग रहा था कि वह गाना गुन गुना रहा हो "मैं करोना का साथ निभाता चला गया " हमने उसको बच्चो के बने पोस्टर्स दिखाये जिन्हे देख कर उसको शायद अपना परिवार याद आया उसने तुरंत जेब से मास्क निकाल कर लगाया और दूरी बनाकर खड़ा हो गया।
वहाँ पर सबसे ज्यादा चौकाने वाला दृश्य यह था जब हमने कुछ गरीब लोगो को गंदे और फटे से सर्जिकल मास्क में देखा, मैने जा कर पूछा कि आप इस सर्जिकल मास्क को कैसे प्रयोग करते हो ? उन्होंने बड़ी शान से जवाब दिया "मैडम जी हम रोज इसको लगा कर रखते है और गन्दा हो जाने पर धो देते है।" यह सुनकर हैरानी हुई कि हम इन गरीब मजदूरों को सर्जिकल मास्क देकर इनके लिए नई बीमारियों के लिए न्योता भी दे रहे है और इसके साथ अपने पर्यावरण को भी दूषित कर रहे है।
अधूरा ज्ञान होना मस्तिष्क एवं जीवन के लिए विष के समान होता। किसी भी गरीब को उसकी जान बचाने के लिए जितना ज़रुरी सर्जिकल मास्क देना है उतना ही ज़रुरी उसका प्रयोग करने का तरीका बताना है हमने उन सभी गरीब व्यक्तियों को तीन स्तर वाले क्लॉथ मास्क दिए और प्रतिदिन धो कर पहनने की सलाह दी। हर वर्ग के व्यक्तियों के लिए कपड़े के तीन स्तरों के मास्क ज्यादा सुरक्षित है क्योकि ये सतह से होने वाले संक्रमण को 99 फीसद तक रोक सकते हैं। हैएनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में अप्रैल में प्रकाशित एक अध्ययन में भी पाया गया कि एक क्लॉथ मास्क आस-पास के लोगों के लिए सर्जिकल मास्क की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।
दरअसल, कपड़े और खासकर सूती कपड़े से बने कई स्तर वाले मास्क छींकने के दौरान हवा में फैले ड्रॉपलेट्स को रोक सकते हैं। इस प्रकार कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।यह दावा कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक नए शोध में किया है। उनका दावा है कि वायरस का सबसे अधिक खतरा बोलते, खांसते या छींकते हुए गिरने वाले ड्रॉपलेट्स से होता है। शोधकर्ताओं में से एक क्लेस ने इसी अध्ययन के आधार पर दावा किया कि कपड़े से बने मास्क एयरोसोल के आकार के कणों को भी रोक सकते हैं।
लोगो का जागरूक होना वायरस से बचने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कभी कभी जानकारी का आभाव व्यक्ति को एक बड़े खतरे में डाल सकता है सतर्क रहे सावधान रहे और सावधानी के तीन नियमो का पालन करते हुए करोना रुपी दानव से बचाव करे ।मास्क लगाए ,दो गज की दुरी बनाये, बीस सेंकड तक हाथ धोये।खुद भी सुरक्षित रहे दूसरे को भी सुरक्षित रखे।
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