कविता


हम सबका है ये प्यारा  वतन 
फिर क्यू इन्सां करता सितम 
मास्क लगा के, दूरी बनाके  
करना होगा सबको जतन 
जीवन अनमोल है सबका 
ये सोच के करना अपना करम 
हाथ किसी से मिलाना नहीं  
मुँह को कहीं भी छुआना नहीं 
दो गज़ की दूरी बनाये रखो  
कोरोना को समीप लाना नहीं 
खुद को जो पहले बचा लो अगर 
फिर सबको बचाना है अपना धरम 
हम सबका है ये प्यारा  वतन 
फिर क्यू इन्सां करता सितम
दुआ है दिल की ये रात ढले 
सर की बला ये जल्दी टले 
गम का अँधेरा नहीं अब रहे 
उम्मीद की फिर से शम्मा जले 
जल्दी पीड़ा ये होगी खतम 
फिर सांस खुल के ले लेंगे हम 
हम सबका है ये प्यारा  वतन 
फिर क्यू इन्सां करता सितम

Comments

Popular posts from this blog

ईश्वर मुझे वरदान दो

Yoga for mental health