जान भी ,जहान भी

                       
                                                                           हम जिंदगी के किस पड़ाव पर आ गए है ? एक तरफ  जान है , और  दूसरी तरफ  जहान |  परन्तु हमारे लिए  जान और जहान दोनों  ही अत्यंत आवश्यक है | यह सत्य है कि लॉक डाउन  से हम इस वायरस से सुरक्षित है परन्तु आखिर कब तक ? क्या आप यह सोचते है की यह कोरोना वायरस जल्दी लुप्त हो जायेगा ? ऐसा नहीं है | फिर कब तक हम घर पर  रहकर खुद को सुररक्षित रख सकेंगे ? एक दिन तो एक सिपाही की भाति अपने इस दुश्मन से मैदान मे लड़ना ही होगा | अब समय आ गया है कि हम  स्वयं को सुरक्षा चक्र में रख कर अपनी अर्थववस्था को मजबूत करे | 
 हमारे देश की जनसख्या कम से कम 138 करोड़ है जिसमे    गरीब लोगो की संख्या कम से कम 8.4 करोड़ होगी | अब तो  निम्न वर्ग के साथ साथ मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग के लिए भी  यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है|  कैसे हम इससे निजात पाएंगे ?      
फिर भी कई मध्यम और उच्च वर्ग के  लोग यक्तिगत रूप से  गरीब लोगो की मदद कर रहे है मुझे गर्व है अपने देशपर जहाँ  सभी अपना - अपना योगदान दे रहे रहे है | 
एक ऐसा ही  उदहारण महागुन मैस्ट्रो , सेक्टर- 50, में  देखने को मिला जहाँ  कुछ प्रतिष्ठित लोगो ने मिलकर गरीब लोगो खाना खिलाना प्रारम्भ किया है | और देखते देखते अब  यहाँ खाना खाने वालो की संख्या बढ़ती जा रही है | हमारे लिए सबसे ज्यादा ख़ुशी इस  बात की है कि यहाँ  सरकार के सभी नियमो को पालन  रखते हुए   3 फ़ीट के सर्कल बनाये गए है ,और साथ में  स्वछता का भी ध्यान रखा गया है |
लकिन फिर भी वही प्रश्न मेरे मन मे आता है कि आखिर कब तक  डॉक्टर्स, नर्स , पुलिस , सामाजिक संथाये, मीडिया एवम समान्य लोग अपना योगदान देते रहेंगे ? कब तक हम अपना और निम्न वर्ग के लोगो का ध्यान रख पाएंगे ?   हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंदर सिंह मोदी जी ने अपने भाषण में सम्बोधित करते हुए कहा था की अगर हमने  21 दिन के  लॉक डाउन का पालन ठीक से नहीं किया तो हम 21  साल  पीछे चले जायेगे | जबकि हम लॉक डाउन के  तीसरे चरण में है |
इस लॉक डाउन से अर्थववस्था के साथ साथ हमे ओर भी  कई समस्याओं का सामना करना  पड़ रहा है जैसे कितने ही गरीब परिवार पेट ना भरने की समस्या से और काम न होने के कारण अपने  गांव की ओर प्रस्थान कर रहे है| उनकी  ये दशा देख कर आँखे नम हो जातीं है कैसे ये लोग अपनी बीवी और छोटे बच्चो के साथ  पैदल भूखे प्यासे कई किलो मीटर का रास्ता पार कर रहे है? कितने ही लोग अपने परिवार से  दूर अकेले  संघर्ष कर रहे है | कब तक इनका परिवार इनका इंतज़ार करता रहेगा ? 
सरकार अपना कार्य कर रही है परन्तु हम लोगो को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और सरकार के नियमो का पालन करना होगा |अन्यथा हमारी लापरवाही के कारण पूरा देश ऐसे ही संगर्ष करता रहेगा और लॉक डाउन की अवधि ऐसे ही बढ़ती जायेगी| कोरोना वायरस केलक्षण  छुपाना एक अपराध है  जिससे हम अपने साथ साथ कितने  ओर लोगो को भी संक्रमित करते है | 
अब तक देश में  50,000 हजार  कोरोना वायरस से लोग संक्रमित हो गये  है |और यह संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है | अगर हमने  इस दशा में उचित कदम नहीं उठाये तो सोचिये हमारे देश की क्या स्तिथि होगी ?  देश में अपराध बढ़ेंगे ,चोरिया बढ़ेगी और कितने  ही किसान आर्थिक तंगी से आत्महत्या करेंगे |
आओ हम सब साथ साथ चले और  सरकार  के सभी नियमो का सावधानी पूर्वक निर्वाह करें|  उन सभी  लोगो का मनोबल  बढ़ाये जो इस बीमारी से संक्रमित है | और जिनमे इस इस बीमारी के लक्षण पाए  जाये  उन  लोगो को टेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित करे जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग भयमुक्त हो कर  टेस्ट कराये |  
मैं  फिर उन  सभी डॉक्टर्स, नर्स ,पुलिस ,सफाई कर्मचारी का धन्यवाद करती हु  जो  दिन रात Covid 19  के लिए अपनी जान जोखिम में डाल कर अपने परिवार को छोड़ कर सिर्फ  रात को इसलिए जागते है ताकि हम सभी  निश्चिन्त हो कर सो सके |
मुझे उम्मीद है हम अगर हम सरकार  के सभी नियमो का सावधानी पूर्वक निर्वाह करेंगे तो हम फिर से खुली हवा में सांस ले पाएंगे और धीरे धीरे अपनी अर्थववस्था को पटरी पर लाने मे सक्षम हो पाएंगे | 

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